➤ धर्मशाला में सड़कों और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का निरीक्षण
➤ सैंज घाटी में बाढ़-भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का लिया जायजा
➤ मैक्लोडगंज में दलाई लामा से केंद्रीय टीम ने की शिष्टाचार भेंट
हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल मंगलवार को धर्मशाला और इसके बाद कुल्लू की सैंज घाटी पहुंचा। गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एम रामचंद्रुडु के नेतृत्व में पहुंची टीम ने धर्मशाला के सुधेड़ और धर्मशाला-मैक्लोडगंज मार्ग पर स्थित खड़ा डंडा रोड का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान स्थानीय प्रशासन और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने केंद्रीय टीम को बारिश और प्राकृतिक आपदा से सड़कों, पुलों तथा आसपास के बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी दी। टीम ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत, मरम्मत और पुनर्स्थापन कार्यों की प्रगति को भी देखा और अधिकारियों से नुकसान की प्रकृति तथा प्रभावित हिस्सों का ब्योरा लिया।
सुधेड़ में उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने केंद्रीय दल को जिले में भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों और अन्य प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति से अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक आपदा के कारण जिले में कई मार्ग प्रभावित हुए हैं और प्रशासन की ओर से इनकी मरम्मत तथा बहाली का काम तेजी से किया जा रहा है। केंद्रीय टीम ने अधिकारियों से यह भी जानकारी ली कि प्रभावित क्षेत्रों में अब तक किस स्तर पर राहत और पुनर्वास कार्य किए गए हैं तथा किन स्थानों पर अभी भी पुनर्स्थापन की आवश्यकता है।
दल के प्रमुख एम रामचंद्रुडु ने अधिकारियों से सड़क क्षति की प्रकृति, प्रभावित हिस्सों और मरम्मत कार्यों की स्थिति के बारे में जानकारी ली। टीम ने यह समझने का प्रयास किया कि मानसून के दौरान हुई भारी बारिश और भूस्खलन से सड़क संपर्क तथा स्थानीय बुनियादी ढांचे पर कितना असर पड़ा है। इसके साथ ही राहत एवं पुनर्वास से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई।
इसके बाद केंद्रीय टीम ने खड़ा डंडा रोड का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने टीम को इस मार्ग पर मानसून के दौरान हुए नुकसान और बुनियादी ढांचे पर पड़े प्रभाव के बारे में जानकारी दी। टीम ने मौके पर स्थिति का जायजा लिया और संबंधित विभागों से मरम्मत एवं पुनर्स्थापन की प्रगति के बारे में जानकारी हासिल की।
धर्मशाला दौरे के दौरान केंद्रीय दल ने एचपीसीए स्टेडियम का भी दौरा किया। इसके बाद टीम मैक्लोडगंज पहुंची, जहां उसने तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा से अनौपचारिक शिष्टाचार भेंट की। धर्मशाला में निरीक्षण और अन्य कार्यक्रम पूरे करने के बाद केंद्रीय टीम कुल्लू जिले के लिए रवाना हो गई।
केंद्रीय दल में विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल रहे। इस दौरान जल शक्ति विभाग के निदेशक प्रकाश चंद, ग्रामीण विकास विभाग के निदेशक रामावतार मीणा, इसरो के रिमोट सेंसिंग सेंटर हैदराबाद के वैज्ञानिक डॉ. शशिवर्धन रेड्डी और एसडीएम धर्मशाला मोहित रतन सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
सैंज घाटी में भी आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण
धर्मशाला के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय की उच्चस्तरीय टीम ने कुल्लू जिले की सैंज घाटी के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का भी दौरा किया। मानसून सीजन के दौरान बाढ़, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान का जमीनी आकलन करने के लिए टीम ने मातला, सिउंड पावर हाउस और हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के सैंज हाइड्रो प्रोजेक्ट के पावर हाउस का निरीक्षण किया।
सैंज घाटी के दौरे के दौरान टीम ने प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान को करीब से देखा और संबंधित अधिकारियों से राहत, पुनर्स्थापना तथा पुनर्निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। अधिकारियों ने केंद्रीय दल को आपदा के दौरान चलाए गए राहत अभियान और अब तक किए गए पुनर्स्थापन कार्यों के बारे में बताया।
टीम ने भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ के कारण प्रभावित हुए ढांचे को लेकर अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा भी की। निरीक्षण का उद्देश्य आपदा से हुए नुकसान की वास्तविक स्थिति को समझना और प्रभावित क्षेत्रों में किए जा रहे राहत तथा पुनर्निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी लेना रहा।



